सैलरी कैलकुलेटर (CTC से इन-हैंड) कैसे इस्तेमाल करें
- ऑफर लेटर से अपना सालाना CTC और बेसिक सैलरी का प्रतिशत डालें।
- अपने राज्य का प्रोफेशनल टैक्स डालें और PF व ग्रेच्युटी के विकल्प चुनें।
- टैक्स रिजीम चुनकर महीने और साल की टेक-होम सैलरी देखें।
इस टूल के बारे में
CTC (cost to company) में कई ऐसी चीज़ें शामिल होती हैं जो आपके हाथ में कभी नहीं आतीं। यह कैलकुलेटर ऐसे हिसाब लगाता है: बेसिक = CTC × बेसिक %; कंपनी का PF = बेसिक का 12% (या कैप होने पर ₹15,000 महीने का 12%) — यह CTC का हिस्सा है लेकिन आपके EPF में जाता है; वैकल्पिक ग्रेच्युटी = बेसिक का 4.81%; ग्रॉस सैलरी = CTC − कंपनी का PF − ग्रेच्युटी; और इन-हैंड = ग्रॉस − कर्मचारी का PF (बेसिक का और 12%) − प्रोफेशनल टैक्स − इनकम टैक्स।
इनकम टैक्स डिफ़ॉल्ट रूप से FY 2025-26 की न्यू रिजीम से निकलता है (₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, ₹12 लाख टैक्सेबल इनकम तक टैक्स शून्य, 4% सेस); 80C और दूसरी छूट जोड़ने के लिए ओल्ड रिजीम चुनें — आपका अपना PF 80C में गिना जाता है। प्रोफेशनल टैक्स राज्य का टैक्स है, साल में ₹2,500 तक (कई राज्यों में ₹2,400–₹2,500, कुछ में शून्य), इसलिए अपने राज्य के हिसाब से बदलें। उदाहरण: ₹12 लाख CTC, 50% बेसिक, बिना कैप वाला PF → हर महीने ₹87,800 इन-हैंड। ऑफर लेटर का असली स्ट्रक्चर अलग हो सकता है, इसलिए इसे अनुमान मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
₹12 लाख CTC पर इन-हैंड सैलरी कितनी होगी?
50% बेसिक, दोनों तरफ़ पूरा 12% PF और ₹2,400 प्रोफेशनल टैक्स के साथ न्यू रिजीम में लगभग ₹87,800 हर महीने, क्योंकि इस स्तर पर इनकम टैक्स नहीं लगता।
इन-हैंड सैलरी CTC ÷ 12 से कम क्यों होती है?
CTC में कंपनी का PF और कभी-कभी ग्रेच्युटी व बोनस शामिल होते हैं, और ग्रॉस सैलरी से आपका PF, प्रोफेशनल टैक्स और इनकम टैक्स कटता है।
क्या ज़्यादा बेसिक से टेक-होम कम होता है?
आमतौर पर हाँ, थोड़ा सा, क्योंकि दोनों तरफ़ PF बेसिक का 12% होता है। लेकिन आपकी EPF बचत बढ़ती है, और ग्रेच्युटी भी बेसिक पर ही निकलती है।
₹15,000 PF कैप क्या है?
PF सिर्फ ₹15,000 महीने तक की बेसिक सैलरी पर अनिवार्य है। कुछ कंपनियां दोनों तरफ़ का योगदान ₹1,800 महीने तक सीमित रखती हैं; कुछ पूरी बेसिक का 12% देती हैं।